न आँखें नम न चेहरा ही कभी करता उदास ।।

न बोले है किसी से अपना दर्दे दिल न यास ।।  

वो ख़ामोशी से गुट-गुट ख़ूब पीता है शराब ,

  तअज्जुब ये न हों ग़ायब कभी होशोहवास !!

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *