चूहे सब शेर -ए- बब्बर की बात करते हैं ।।

जितने हारे वो सिकंदर की बात करते हैं ।।

रब ने दे क्या दी ज़ुबाँ कान पास तो लाओ ,

अंधे रंगीनी -ए- मंज़र की बात करते हैं ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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