लाख बुरा हो फिर भी उसको ख़ूब भला ही कहती है ॥

अपना गंदा बच्चा भी माँ दूध धुला ही कहती है ॥

नहलाते-नहलाते अपने कौए से बच्चे को माँ ,

हंस कभी कहती तो कभी लक-दक बगुला ही कहती है ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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