बिलबिलाते हुए काले-सफ़ेद _

लिजलिजे-पिलपिले कीड़ोंसे ,

फोड़ा-फुंसी युक्त /

बिना बालों के /

घिनौनी चमड़ी वाले /

अपने ही मालिक द्वारा परित्यक्त कुत्ते से _

जिसे देखते ही मेरी उबकाई रुक नहीं पाती है /

अतिशय घृणा  है मुझे ,

डर लगता है मुझे

उन भयंकर यातनाओं से

जो मरणोपरांत

रौरव और कुंभीपाक नर्क में /

पापी मनुष्यों को दी जाती हैं ,

क्योंकि मुझे पूर्व-जन्म और पुनर्जन्म में /

पूर्ण विश्वास है _

स्वर्ग-नर्क में भी _

अतः मेरे पुण्यों के बदले /

मरने के बाद मुझे स्वर्ग मत देना /

और अगले जन्म में /

ऐसा ही बिलबिलाता कोई गिजगिजा कीड़ा /

या खसर-खसर खुजलाता /

घिसटता तड़पता पागल कुत्ता बना देना /

किन्तु इससे पहले कि मेरी उम्र निकल जाये /

इस राकेट-चाल दुनिया में /

मुझे चाहिए _

भले ही छोटी सी किन्तु /

एक स्थायी /नियमित सरकारी नौकरी _

हे ईश्वर ! क्या मंजूर होगा तुझे यह सौदा ?

जवाब शीघ्र देना /

वर्षों से प्रतीक्षा में _

एक अस्थाई अनियमित दैनिक वेतन भोगी !

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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