डाकिये मिट गए बेकार सब हमाम हुए ॥

जब से आए हैं सेल-फ़ोन ख़त तमाम हुए ॥

पहले दिलबर से मिलके भी न बतिया पाते थे ,

आज तो नेट पे ही चेट से सब काम हुए ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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