( चित्र Google Search से साभार )

क़िस्सों में ही सुस्त गधे से जीत न पाता अरबी घोड़ा ।।

सिर्फ़ कहानी में कछुए से तेज़ कभी खरगोश न दौड़ा ।।

काँच हमेशा टूटा करते हैं पत्थर की चोटों से बस ,

जादूगर ही शीशे से दिखला सकता है फोड़ हथौड़ा ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *