शायद ही बेसबब भी रोता हो आदमी ॥ 

घोड़े को अपने सर पर ढोता हो आदमी ॥

मिट्टी न हो तो ऐसा ढूँढे न मिलेगा ,

जो बीज पत्थरों पे बोता हो आदमी ॥ 

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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