देखकर तुझको मेरे दिल में ख़याल आए यही /

तू है जितनी खूबसूरत स्वर्ग में भी तो नहीं /

कृष्ण तझको देख लें तो भूल जाएँ राधिका /

इन्द्र तुझसे ब्याह की करने लगेंगे याचना /

सोचता हूँ देखता हूँ जब तेरे मुखड़े की ओर /

चाँद को कितना भी चाहे पर न पाएगा चकोर /

क्यों दिखाकर अपना जलवा लूटती फिरती हो दिल /

ढाँक कर चेहरा ही रक्खो तो भी हों कुछ कम क़तल /

तू अगर है अप्सरा तो क्यों धरा पर आई है /

आस्माँ की तू परी है क्यों उतर कर आई है /

मुझ सरीखा तो तेरे चरणों की चाटे धूल को /

देवता होगा जो चूमेगा तेरे मुख फूल को /

आदमी अदना सा मैं और स्वर्ग की तू अप्सरा /

मैं तो बस पूजा करूँगा और बस दूँगा दुआ /

इन्द्र सा कोई राम सा कोई खूबसूरत कृष्ण सा /

देखना आएगा तुझको ब्याहने कोई देवता ॥

देखना आएगा तुझको ब्याहने कोई देवता ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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