मुझसे तो तेरे बिना अब न जिया जाएगा ।।

हर लम्हा घुट के मरा सिर्फ़ मरा जाएगा ।।1।।

फ़ायदा होगा तेरा ख़ूब जो मरने से मेरे ,

तो बिना जाँ न दिए मुझसे रहा जाएगा ।।2।।

नर्म ख़्वाबों की लिए ओट भला कितने दिन ,

आख़िरश सख़्त हक़ीक़त से बचा जाएगा ?3।।

बंद कर बंद ही कर आज अभी रहमोकरम ,

और एहसान तले अब न दबा जाएगा ।।4।।

तेरे क़दमों से क़दम शाने से शाने को मिला ,

तू हिरण , कछुआ मैं ; हरगिज़ न चला जाएगा ।।5।।

तंग फाकों से बहुत आके ख़रीदा है ज़ह्र ,

पेट की आग में लंबा न जला जाएगा ।।6।।

तुझको तकने में गिरे टोपी भला यों किससे ,

इस फ़लकबोस बुलंदी पे चढ़ा जाएगा ।।7।।

पैंतरेबाज़ी जो सीखा है मुझी से गर आज ,

उससे ही बाज़ी लगाऊँ तो हरा जाएगा ।।8।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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