कितने मुर्दों में नई , फूँक जान देते हैं ?

कितने मुफ़्लिस को जमा , धन का दान देते हैं ?

कितने भूखों को दिया , करते हैं दाना-पानी ?

कितने बेघर को ठिकाना-मकान देने हैं ?

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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