( चित्र Google Search से साभार )

दुनिया की हर ख़ुशी समेट ग़म को पीट-पाट ॥ 

कैसी हो ज़िंदगी को चाह दिल से चूम-चाट ॥ 

हालात सामने खड़े हों कितने भी ख़िलाफ़ ,

जीने से न डर कर दे खड़ी मौत की तू खाट ॥ 

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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