( चित्र Google Search से साभार )

इक शेर कहे , इक मगरमच्छ , इक भेड़ कहे ॥

इक एक कहे , इक ढाई कहे , इक डेढ़ कहे ॥

कुछ और नहीं , सच इसके सिवा , है इश्क़ ख़ुदा ,

हम तुम बोलें , पशु-पक्षी कहें , चुप पेड़ कहे ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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