चीख चिल्लाहट है कर्कश कान फोड़ू शोर है ॥

इस नगर में एक भागम भाग चारों ओर है ॥

सुख की सारी वस्तुएँ घर घर सहज उपलब्ध हैं ,

किन्तु जिसको देखिये चिंता में रत घनघोर है ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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