96 : ग़ज़ल – उसको फँसा के

उसको फँसा के ख़ुद को , तुमने लिया छुड़ा है ।। अच्छा किया है तुमने , जो भी किया बुरा है ।।1।। कुछ बात तो है वर्ना यूँ ही न शह्र का हर- इक शख़्स आप ही पर उँगली उठा...Read more