जो गड्ढा है वो कुछ करले , समंदर बन नहीं सकता ।।

सिपाही चार बित्ते का , सिकंदर बन नहीं सकता ।।

उड़े कितनी भी ऊँची बाज से तितली न जीतेगी ,

बहुत उछले मगर मेंढक , तो बंदर बन नहीं सकता ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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