लायक नहीं वो माना ‘तू’ के भी पर ‘आप’ बोल ॥

बच्चा है फिर भी उसको अपना माई-बाप बोल ॥

गर्दन दबी है तेरी उसके पाँव में इस वक़्त ,

बेहतर है उसके पाप मत अभी तू पाप बोल ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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