आँखों के बाद भी रहे मंज़र से दूर हम ॥

अल्लाह-ख़ुदा-रब-वली-ईश्वर से दूर हम ॥

किस बात से ख़फ़ा थे कि हम मुँह बिसूर के ,

होटल में रहे ग़ैर के निज घर से दूर हम ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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