न ख़्वाबों में हक़ीक़त में मुलाकातें करेंगे पर……

मेरे सँग दिन-दुपहरी-शाम और रातें करेंगे पर…….

किया करते थे जैसे रूठने से पहले बढ़-बढ़ कर ,

मुझे लगता था वो इक रोज़ ख़ुद बातें करेंगे पर…….

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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