चलती गाड़ी के लिए लाल सी झंडी होगा ।।

बर्फ़ उबलता वो कड़क चाय भी ठंडी होगा ।।

अजनबी ही है मगर क्यों वो लगे चेहरे से ,

उसके जैसा न कोई और घमंडी होगा ?

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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