रफ़्ता-रफ़्ता तेज़ से भी तेज़ चलती है ॥

गर्मियों में बर्फ़ सी हर वक़्त गलती है ॥

शाह हो , दरवेश हो , बीमार या चंगा –

सबकी इस फ़ानी जहाँ में उम्र ढलती है ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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