मूरत जो हुस्न की कोई पहला बनाएगा ॥

वो हू ब हू बस आपका पुतला बनाएगा ॥

काढ़ेगा सताइश के क़सीदों पे क़सीदे ,

रंग रुपहला तो रूप सुनहला बनाएगा ॥

डॉ. हीरालाल प्रजापति

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