आँसुओं को गिरा फिर पिये जाओ तुम ।।

याद पर याद उनको किये जाओ तुम ।।1।।

रूठकर जा रही प्रेमिका को तुरत ,

इतना कह रोक लो ” मत प्रिये जाओ तुम ” ।।2।।

तुमको काँटों से ही है मोहब्बत अगर ,

अपनी बाहों में चूमो लिये जाओ तुम ।।3।।

गर बहुत ख़ुश है तुमसे बिछड़ वो वहाँ ,

तो यहाँ मुस्कुराकर जिये जाओ तुम ।।4।।

मै है ग़म की दवा मान बस इक दफ़्आ ,

जाम पर जाम भर-भर पिये जाओ तुम ।।5।।

बाद मरने के भी जग न भूले तुम्हें ,

कोई नज़राना ऐसा दिये जाओ तुम ।।6।।

बेहतर है भुला दो बुरी याद या ,

ज़ख़्म उधेड़ो खुरच फिर सिये जाओ तुम ।।7।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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