जबकि दिल आ गया किसी पर है ।।

कैसे फिर कह दूँ हाल बेहतर है ?1।।

बस किसी और से तू कहना मत ,

बात हालाँकि ये उजागर है ।।2।।

उसको साबित किया गया है सच ,

पर वो झूठा-ग़लत सरासर है ।।3।।

आँख क्यों ख़ुद ब ख़ुद न झुक जाए ,

रू ब रू शर्मनाक मंज़र है ।।4।।

मुझसे पूछो न आशिक़ी है क्या ,

कैसे कह दूँँ कि दर्देसर भर है ?4।।

काम दमकल का बाल्टी से लूँ ,

जल रहा है जो ये मेरा घर है ।।5।।

नींद आए मगर न आएगी ,

जिसपे लेटा हूँ गड़ता पत्थर है ।।6।।

तुझसे बेहतर नहीं वो क्यों मानूँ ,

जब वो आगे है , तुझसे ऊपर है ?7।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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