कोई परवा करूँ न अंजाम की ।।

पूजा अर्चा करूँ तेरे नाम की ।।

जय-जय-जय-जय-जय-जय अम्बे माँ ।।

जय-जय-जय-जय-जय-जगदम्बे माँ ।।

कोई परवा करूँ न…………………

पूजा अर्चा करूँ……………………..

छोड़कर फल आसक्ति का ग़म ,

मैं तो निष्काम भक्ति करूँ ।।

तेरा कर-कर भजन अपने तन ,

मन में जीवन में शक्ति भरूँ ।।

तू ही सब कुछ है माँ इस गुलाम की ।।

पूजा अर्चा करूँ……………………..

कोई परवा करूँ न…………………

चलते जाना मेरा काम है ,

चाहे मंजिल मिले न मिले ।।

नाव खेता रहूँगा सदा ,

चाहे साहिल मिले न मिले ।।

क्या पड़ी है माँ मुझको मुक़ाम की ।।

पूजा अर्चा करूँ……………………..

कोई परवा करूँ न…………………

तेरे चरणों में ही ध्यान है ,

तेरे दर्शन की ही प्यास है ।।

आज या कल कभी न कभी ,

तुझको पाऊँगा विश्वास है ।।

कोई सुध न रहे काम-धाम की ।।

पूजा अर्चा करूँ……………………..

कोई परवा करूँ न…………………

जय-जय-जय-जय-जय-जय अम्बे माँ ।।

जय-जय-जय-जय-जय-जगदम्बे माँ ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *