मुंबई , कलकत्ता , देहरादून में आँसू ॥

बारिशों में सर्दियों , मई-जून में आँसू ॥

तेरी यादों ने मुझे कुछ यूँ रुलाया है ,

मिल गये मेरे पसीने , ख़ून में आँसू ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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