हैरतो ताज्जुब ! गजब दोनों की क़िस्मत है ।।

वरना जादू या किरिश्मा या करामत है ।।

नोक पे काँटों की फूला झूमे गुब्बारा ,

पत्थरी बारिश में आईना सलामत है ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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