मेरे गले में झूम के लूमा ज़रूर था ॥

घण्टों वो मेरे साथ में घूमा ज़रूर था ॥

लब ना लबों से अपने मेरे उसने थे छुए ,

लेकिन मुझे अकेले में चूमा ज़रूर था ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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