अपना दूध – दही गाढ़ा औरों का पनीला बोलेगा ॥

अपनी सब्ज़ी का रंग हरा औ’ शेष का पीला बोलेगा ॥

अपने कंठ को बेचने की दूकान लगाए तो निस्संशय ,

अपना स्वर प्रत्येक गधा कोयल से सुरीला बोलेगा ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *