खाता हूँ बस घास-फूस मैं ॥

पहले खाने से डरता था ।

बेमन से कम-कम चरता था ।

पेट भरूँ अब ठूस-ठूस मैं ॥

कम पीता था जब ज्यादा था ।

कारण वह पानी सादा था ।

मिनरल पीता चूस-चूस मैं ॥

जब वह मेरे पीछे लागे ।

मैं आगे वह पीछे भागे ।

वह इक बिल्ली और मूस मैं ॥

उसके जैसा मेरा भी झट ।

काम निपट जाता , जो फटाफट-

दे देता उत्कोच-घूस मैं ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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