क्यों लगे है हूँ पीछे होके सब ही से आगे ?

किस तरह के ये मेरे सोये भाग हैं जागे ?

जब से आई है कोमल सेज मेरी मुट्ठी में ,

नींद आँखों से मेरी छूट-छूट कर भागे ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति 

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