जिस्म से ले रूह तक की , की है हमने माप सच ॥

आदमी क्या हो ? बताएँगे हमें क्या आप सच ?

दिखने में गौरैया ,मैना ,फ़ाख़्ता ,बुलबुल ! अरे ,

अस्ल में है गिद्ध ,चील औ’ बाज़ का भी बाप सच ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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