धूल-मिट्टी की जगह सीम या ज़र हो जाता ॥

तुच्छ झींगे से मगरमच्छ ज़बर हो जाता ॥

ख़ुद को महसूस हमेशा ही तो नाचीज़ किया ,

अपने कुछ होने का एहसास अगर हो जाता ॥

( सीम या ज़र = सोना या चाँदी , ज़बर = शक्तिशाली )

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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