मुझपे करना ज़ुल्म सारे , रात-दिन करना जफ़ा ॥

खुश न रहना मुझसे चाहे रहना तुम हरदम ख़फ़ा ॥

गालियाँ भी जितना जी चाहे मुझे बकना मगर ,

इक गुज़ारिश है कभी कहना मुझे मत बेवफ़ा ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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