खट्टे-मीठे के सँग तीखापन-कड़वाहट भी होती ॥

चुप-चुप सन्नाटों के सँग में फुस-फुस आहट भी होती ॥

जीवन में क्या-क्या है शामिल ; गिनवाना बालों जैसा ?

बेफ़िक्री भी इसमें कुछ-कुछ , कुछ घबराहट भी होती ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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