हाँ ! दया , करुणा , अहिंसा का सतत उपदेश दे ॥

किन्तु मत प्रकृति विरोधी रात – दिन संदेश दे ॥

वृद्ध हो , भूखा हो तेरा दास भी हो तो भी मत ,

घास चरने का कभी भी शेर को आदेश दे ॥

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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