काश कोई कमाल हो जाए ।।

अम्न दिल में बहाल हो जाए ।।1।।

गर वो सबके जवाब देता है ;

एक मेरा सवाल हो जाए ।।2।।

जब नहीं खोदने को कुछ होता ;

नख ही मेरा कुदाल हो जाए ।।3।।

कम से कम ग़म में वाइज़ों को भी ;

बादानोशी हलाल हो जाए ।।4।।

ख़ुद को भी वो मिटा के रख दे गर ;

सिर्फ़ ग़ुस्से से लाल हो जाए ।।5।।

उसके जाते ही एक बिन माँ के ;

मेरा बच्चे सा हाल हो जाए ।।6।।

ज़ोरावर हैं वो कछुए जो सोचें ;

उनकी चीते सी चाल हो जाए ।।7।।

इक कमाल इस तरह भी हो मेरा ;

तीर ही मेरी ढाल हो जाए ।।8।।

है ये हसरत तमाम बोसों की ;

उनको तू होंठ-गाल हो जाए ।।9।।

इस तरह से मरूँ कि दुनिया में ;

मेरा मरना मिसाल हो जाए ।।10।।

अपने कुछ सोचते हैं अपनों का ;

कैसे जीना मुहाल हो जाए ।।11।।

बच भी सकता है वो अगर उसकी ;

प्यार से देखभाल हो जाए ।।12।।

झूल लेना तुम उसपे जी भर कर ;

जब वो टहनी से डाल हो जाए ।।13।।

ठण्ड में कड़कड़ाती वो मेरा ;

आर्ज़ू है कि शॉल हो जाए ।।14।।

( वाइज़ों = धर्मोपदेशकों ,बादानोशी = शराबखोरी , ज़ोरावर = बलवान , बोसों = चुम्मों , आर्ज़ू = इच्छा )

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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