तजकर कभी , कभी सब कुछ गह लिखा गया !!

पीकर कभी , कभी प्यासा रह लिखा गया !!

लिखने का जादू सर चढ़ बोला तो बोले सब ,

ये क्या कि मुझसे ‘ यह ‘ को भी ‘ वह ‘ लिखा गया !!

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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