बाँग मुर्गे सी लगाओ , जो जगाना हो तो !!

गाओ बुलबुल सा किसी को , जो सुनाना हो तो !!

फाड़ चिल्लाओ गला , चुप न रहो , तुमको उसे ,

जो न आता हो अगर पास , बुलाना हो तो !!

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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