गर्दिश तक में कुत्ता भी आराम से सोता है !!

मीठे ख़्वाबों के दरिया में लेता गोता है !!

अहमक़ इंसाँ ख़ुशियों में भी करवट ले-लेकर ,

बिस्तर पर सब रात ही बैठ-उठ रोता-धोता है !!

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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