पेट जो परिवार का ही पालने में मर गया ।।

शुष्क आँखों के मरुस्थल आँसुओं से भर गया ।।

अपने पालक का मरण देख उसका आश्रित क्या कहें ?

लोग डरते मृत्यु से वह ज़िंदगी से डर गया ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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