फूलों सी खिलखिलाती , तारों सी झिलमिलाती ।।

आँखों को हर किसी की बेसाख़्ता लुभाती ।।

वो जिनकी ज़िंदगी को ग़म ने जकड़ रखा है ,

तस्वीर उनकी अक्सर होती है मुस्कुराती ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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