आज फिर याद की ऐसी आँधी चली ।।

बुझ चुकी थी जो दिल में वो आतिश जली ।।

मुद्दतों बाद फिर तुम जो आए नज़र ,

इश्क़ ने मुझ में फिर दी मचा खलबली ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *