याद में ; यार की ; हिचकियाँ लींं गयीं ।।

गीत गाते कई मुरकियाँ लींं गयीं ।।

दिल हुआ गर नशे का तो दारू नहीं ,

प्याले में चाय की चुस्कियाँ लींं गयीं ।।

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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