पार जो करता हमें ख़ुद डूब वो बजरा गया रे ;

अब अगर होगा लिखा तक़दीर में लगना कनारे –

तो यक़ीनन ग़र्क़े दरिया हों कि उससे पहले आकर ,

देखना तिनके बचा लेंगे हमें देकर सहारे ।।

( बजरा = बड़ी नाव , कनार = तट , ग़र्क़े दरिया = नदी में डूबना )

-डॉ. हीरालाल प्रजापति

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