हमने तो जिसने ग़म दिया उसे भुला दिया ।।
आँखों को उसकी सिम्त से घुमा-फिरा लिया ।।
तुमने किया ग़लत जो बेवफ़ा की याद में ,
पी-पी जिगर को फूँक-फूँक ग़म ग़लत किया ।।
-डॉ. हीरालाल प्रजापति

This article has 6 comments

  1. डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक Reply

    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बुधवार (13-05-2020) को   “अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ” (चर्चा अंक-3700)    पर भी होगी। — 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    —   
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  

    सादर…! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’ 

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