मुक्तक : 971 – छोटा

जो बरबटी से कद्दू , होता चले उसे फिर , तुम ही कहो , न मोटा , तो और क्या कहेंगे ? जिस भी घड़े में आए , बस दो गिलास पानी , उसको कहें न लोटा , तो और...Read more