[] नज़्म []

जाने किस हाल में है , है वो ख़ुश कि है ग़मगीं ? जाओ ढूँढो उसे , छुपा नहीं वो खोया है ; सच न देखूँगा और कुछ भी मैं ज़माने में , अब तो आँखों से उसका ही नज़ारा...Read more