■ मुक्तक : 1001 – कुंदा ए आबनूस

वो जो तस्वीर में मुझे लगे थे फूलों से , उनको जाना तो पाया उनसे अच्छे पत्थर हैं ।। मात देते हैं तितलियों को शक्लोसूरत से , हाय तासीर में जो ख़ूँ के प्यासे मच्छर हैं ।। जब तलक अजनबी...Read more