∆ सॉनेट : 05 – राज़

तुम सब लोग मुझे समझो पूरा पागल इक , तो इसमें कुछ भी न तुम्हारी यार ख़ता है । है तुमको पूरा हक़ मुझको रोज़ करो दिक़ , नाखूनों से कौन कुआँ खोदा करता है ? मुझको बेइज्ज़त करने या...Read more