∆ सॉनेट : 06 – क़ब्र मत ढहा

कहते हैं कि मिटने वाले की गर कभी जाए निकल – बददुआ तो करके वो रख दे सभी कुछ हाय फ़ना । सचमुच में तो क्या ख्व़ाबों में तलक अपना तू महल , बस क़ब्र पे मेरी बराए मेह्रबानी न...Read more